Short story essay in Hindi || free short story essay

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दोस्तो आज आपको यह बताने वाले है Short story essay in Hindi के बारे मे हमे यकिन है | fantasy short story essay बहुत पसंद आयेगा | short story in hindi

short story essay about friendship

जंगल मे एक लोमडी रहती थी वो अकसर अकेली रहती थी जंगल के जानवार उस लोमडी को पास नही आने देते थे । लोमडी अकसर जानवर लोगो का खाना चुरा लेती थी । लोमडी को एक अलग जगह रहना पडता था वो सारे जानवार लोगो की नजीक नही जा पाती थी ।

जानवार के टोली मे एक चूहा था वो बहुत चालाक था वो अकसर लोमडी को धुरता रहता था । एक दीन लोमडी ने चुहे से पुछा तुम्ह क्यु मुझे धुरते रहते हो । तब चुहे ने कहा मुझे लगता है तुम्ह इस जगह पे आ गये तो मेरा सारा खाना खा जावोगे इस लीये मे तुम्हे धुरता हु । लोमडी ने कहा थीक है तुम्हारा खाना मे नही खावुगा लेकीन मे तुम्हे जरुर खा जावुगा ।

चुहे ने उस लोमडी को हल्लके मे ले लीया था । लोमडी ने थान लीया था की मे इस चूहे को अब नही छोडुगा । जो होना है वो हो जाये लेकीन मे चूहे को पकड लुंगा । लोमडी ने दबे पाव चूहे के नजदीक जाती है । लेकीन चूहे को लोमडी के आने का एहसाह हुवा और तुरंत वो बिल मे गुस गया । तब लोमडी बोली आज तो बाल बाल बच गाया नही तो आज स्वादिस भोजन खाने को मिलता ।




चुहा तुरंत बिल मे से बाहार निकलता है तब लोमडी ने उस चूहे को पकड लीया । चूहा लोमडी को कहता है ये लो मुझे तुम्ह खा जाव लेकीन ये याद रखना मुझे खाने के बाड तुम्ह भी मर जावोगे । लोमडी ने कहा क्यु मे क्यु मर जावुगा तब चूहे ने कहा मुझे कोरोना है मुझे पता नही मे कब तब जिंदा रह सकता हु। 

मुझे तुम्ने छुवा है तो क्या पता तुम्हे भी कोरोना हो सकता है । लोमडी यह सुन्के वहा से बहुत भागी लेकीन दुसरे लोमडी की टोली ने उस लोमडी को आने नही दीया सभी ने कहा तुम्हे कोरोना हो गया है तुमने चूहे को छूवा है । वो लोमडी फिर चूहे के पास गई और चूहे को पूछा इस का क्या इलाज है । कैसे मे जिंदा रह सकता हु ।

चूहे ने कहा चलो मेरे साथ मे तुम्हे इस का इलाज दिखाता हु । चूहा उस लोमडी को एक बडे से चटान के पास ले जाता है । तब चूहा लोमडी को पहाड से कूदने को कहता है । लोमडी ने कहा थीक है हम दोनो कूड जाते है । तब चूहे ने मना कीया मे क्यू कूदु मुझे मर ना थोडी ना है । तब लोमडी ने कहा येसे भी हम कोरोना से मर ने वाले है । लोमडी ने चूहे को पकड के कूड गई और निचे गीरते ही दोनो मर गये ।

मोरल : हमे कीसी को जुठ नही बोलना है । एक मजाक उसी पे भारी पडता है ।   

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एक जंगल मे बंदर की टोली रहती थी उस का एक अलग ही एलाका था वो कही पेड पे कुदते थे तो कही पहाडि पे । एक दीन वहा पे शियाण रहने के लीये आता है । तब बंदर की टोली परेशान हो रही थी शियाण क्यू यहा पे रहने के लीये आया है । तब बंदर की टोली हिम्म्त करके शियाण से बात करने का सोचा और शियाण के पास गये ।

बंदर ने कहा शियाण भाई तुम्ह इस जगह पे क्यू आये हो । शियाण ने कहा मे यहा रहने के लीये आया हु क्यू आप को कोईन परेशानी है । तब बंदर की टोली ने कहा हम यही पे कूदते रहते है आपको कही पे लग सकती है । शियाण ने बंदर की टोली को कहा अब से आप यही पे कूदना नही । मे आपको कोई परेशानी नही आने दुंगा ।

बंदर की टोली ने सोचा हम इस शियाण को परेशान करके यहा से भगा देते है । बंदर की टोली पहाडी से कुछ पंथ्थर निचे फेकते है लेकीन शियाण नही डरता है और बंदर की टोली ने शियाण को डराने की कोशिश करते रहते है ।

शियाण ने अपने साथी बिल्ली को कहा कल से आप मेरे लीये पानी इथर लाके रखोगे मुझे तालाब तक पानी पिने के लीये बहुत परेशानी आती है ।दुसरे दीन से बिल्ली ने पानी को गुफा के बार लाके रखने लगी लेकीन बंदर की टोली ने बिल्ली के जाने के बाद पानी को पाहाडी से निचे फेक देते है और पुरी हान्दी खाली कर देते है । शियाण हान्दी मे पानी देखता है लेकी उस मे नही होता है तब बिल्ली ने कहा पानी सायद ज्यादा दुप होने के कारण सुक गया होगा ।





बिल्ली ने कहा कलसे मे ज्यादा पानी हान्दी मे भरा करुगा । बिल्ली ने ज्यादा पानी भरा लेकीन बंदर की टोली ने फिर से पानी को पहाडी से निचे गिरा देते है । बिल्ली और शियाण बहुत सोच मे पड गये थे । दुसरी बार तो शियाण गुफा मेसे देख रहा था बिल्ली पानी लाया और बंदर की टोली उसे पहाडी से निचे गिरा दिया ।

एक दीन बंदर की टोली शियाण से पुछने गये शियाण हमने आपको बहुत परेशान कीया है । आप कुछ क्यु नही केहते है हमे । शियाण ने बंदर की टोली को कहा तुम्हारे कारण मुझे बहुत फायदा हुवा है । आप हर दीन पहाडी से पानी निचे गिरा देते है तो वहा पे बाहुत सारी निली धास लग गई है । वहा पे बकरी , गाय इस तरके सभी आते है और मुझे वहासे शिकार करने मे आसानी होती है । मुझे आप से कोई आपर्ती नही होती है ।

मोरल : हमे किसी के बारे मे बुरा नही सोचना चाहीये ।

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एक दीन एक बिल्ली को बहुत जोर से भुख लगी थी । वो कही जगह पे खाने की तलास मे गुमी लेकीन उसे कही खाना नही मिला था । उसने तैय कीया मे किसी के घर मे जाके कुच खाना चुरा लेती हु । वो घर मे जाती है वहापे उसे रोटी देखाई दी वो रोटी को उथाके बाहार ले आयी । बिल्ली ने सोचा मे यहा पे रोटी खावुगी तो दुसरी बिल्ली भी आ सकती है । मुज्से रोटी मांगेगी इस लीये मे आयी से दुर जाके रोटी का आनंद ले सकती हु ।

जब बिल्ली रोटी को मुह मे रखते हुवे निकल पडी । उसे एक नदी को पार करना था । वो जब पानी मे देखती है तब उसे अपना पतीबिम्ब दिखाई दीया । वो खुद का पडछाया देखते हुवे डर गई । उसे लगा दुसरी बिल्ली रोटी चुराने की कोशिश कर रही है । तब बिल्ली ने जोर से गुस्से से मिआउं कीया और रोटी सिधी पानी मे गिर गई ।

बिल्ली रोटी को पानी मे जाते हुवे देखते उदास हो गई थी और वो बिना रोटी खाये उसे दीन गुजारना पडा ।

Moral essay :- लालच का बुरा ही परिणाम आता है इस लीये हमे बुरा नही सोचना है । जितना मिले उसी से खुश रहना है ।


दोस्तो मुजे यकिन है कि small story in hindi आप को पसंद आयि होगि । यह short moral stories for kids आपको कोइ भुल करने योगियाता लग्ता है तो हमे कोम्मेंट करके बाताये और आपको कहनिया inspirational short stories लिखने का पसंद हो तो famous bedtime stories या very short story ईमैल कर सकते हो  | 100-word short story essay


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