Top 3  moral stories in hindi || वेरी शॉर्ट स्टोरी इन हिंदी

moral stories

दोस्तो आज आपको यह बताने वाले है short moral stories in hindi के बारे मे हमे यकिन है | moral stories in hindi बहुत पसंद आयेगा | hindi story for kids


 ग़ंधे का घमंड short moral stories in hindi

एक दीन व्यापारी अपना ग़ंधा ले के कुच सामान शहेर मे बेच ने के लीये जा रहा था । उस वक्त रास्ते मे व्यापारी को किशान और उसका ग़ंधा मिला । व्यापारी और किशान दोनो एक नंदी के कीनारे बेथ के बात कर रहे थे ।

तब व्यापारी का ग़ंधा और किशान का ग़ंधा बात कर रहे थे । मेरे पिठ के पिछे बहुत किम्ती सामान है इस इये मेरे शेठ ने मेरी पिठ से निकाला नही है और तुम्हारे शेठ ने तो आतेही तुरंत सामान निकाल दीया कुच नही होगा तुमारे सामान मे इस लीये । व्यापारी का ग़ंधा बहुत घमंड दिखा रहा था।

आराम करने बाद वाहा से निकाल पडे कुच कडम आगे चलने के बाद जंगल आया वाहा दाकु लोगो ने हमला कर दीया । व्यापारी और किशान तो वहा से भाग गाये लेकीन दोनो व्यापारी का ग़ंधे वाहा पे रुक गये ।

डाकु ने चारो और से दोनो व्यापारी के ग़ंधे को गेर लीया था । किशान का ग़ंधा मोका देखते ही वहा से भागने वाला था । डाकु की नजर दुसरी और पडी तुरंत ही वहा से भाग गाया । वजन काम होने के कारण बहुत तेज भाग पाया ।




व्यापारी का ग़ंधा वजान ज्यादा होने के कारण भाग नही पाया और पुरे दीन सामान को पिठ पे लेके गुम्ता रहा था इस लीये थक गया था । डाकु ने व्यापारी के ग़ंधे को बहुत मारा और सारा सामान ले लीया ।

थोरी देर के बाद व्यापारी और किशान आते है व्यापारी को अपने ग़ंधे पे बहुत गुस्सा आ रहा था और व्यापारी अपने ग़ंधे को मारने लागा मेरा सारा सामान तुम्ह बचा नही सके । इतनी देर मे किशान का ग़ंधा आता है । किशान ने देखा की मेरा सामान तो सही सलामत है किशान अपने ग़ंधे को साबासी दे रहा था ।

व्यापारी का ग़ंधा वो देखते हुवे उका सारा घंमड चकना चुर हो गया था। उसे तब पता चाला की मेरा शेठ मुझे केवल सामान उथाने के लीये रखता है मुझे कोई हम दर्दी नही है ।

moral stories: हमे घंमड नही करना है दुसरो को सुन्ना है उस्पे विश्वास रखना है तभी हम जिवान मे आगे बड पायेगे । 

   


 बुद्दिमान किशान moral stories for kids

एक किशान अपना घोडे को लेके सामान बेंचने के लीये जाता है । धुप बहुत होने के कारण उसको थकावात मेहसुस होने लगी इस लीये किशान ने के बडा सा वुर्क्ष देखते हुवे रुक गया और वाहा पे कुच देर आराम करने का सोचा ।

किशान बहुत दुरी की यात्र करने के बाद वो बहुत थक गया था इस लिये उसे निंद आ गाई । किशान कुच समय के बाद उठा ने के बाद किशान ने देखा कि घोडा नही दिखाई रहा है। किशान ने बहुत घोडे को ठुंठ्ने की कोशिश कीया लेकीन घोडा नही मिला ।

किशान अपना डंडा लेके ठुंठने ले लीये निकल पडा । ठुंठते हुवे एक पास के गांव मे पहुच गया । वहा पे जाके बहुत जोर से गुस्से से अवाज लगाई । मेरा घोडा जिस ने भी चुराया है वो मुझे वापस करदो । नही तो मुझे बुरा कोई नही होगा ।




मुझे पाता है मेरा घोडा इस गांव के चोर ने ही पकडा हुवा है मे आखरी बात बता देता हु । मेंने पीछली बार कीया था मे आज फिर से येहे करुगा ।

चोर उस कीशान की बात सुंके बहुत डर गया । चोर घोडा को लेके किशान को दे दीया और माफी मांगी अब से मे चोरी नही करुगा । आप मुझे येह तो बताये की पिछले बार आपने क्या कीया था ।

तब किशान ने कहा की कुच नही पिछली बार मेंने येसे आवाज लागई कोई नही आया मे वास घर लोट गया और नया घोडा ले लीया । वो बहुत हंस ने लागा ।

moral stories : धिराज और चतुराई से हर कोइ चिज आप पाना चाहते है वो मिल जाती है ।



चतुर मगन Hindi short stories

 

मगन उसका एक छोटा भाई के साथ खेल रहा था तब दो चोर घर मे चोरी करने के लीये आये थे । मगन को पता था की पापा जोहरी थे इस लीये एक दीन एक हीरे का हार अपने घर लाये थे और अरमानी मे राखा था ।

चोर सभी जगाह धुधने लगे लेकींन कुच नही मिला एक चोर ने मगन से कहा तुम्हारे पिताजी एक जोहरी है सभी सोने के हार कहा पे रखे है । मुझे जल्द से जल्द बात्वो मे तुम्हे छोद दुंगा ।

तब मगन ने कहा की आप को हीरे के हार चाहीये तो आपको आंदर के रुम मे अरमानी है उस मे देखना होगा । तब दोनो चोर अरमानी खोलने लगे । मगन धिरे धिरे करके धरवाजे बंध कर दीये और दोनो चोर एक कमरे बंध हो गये ।

मगन ने तुरंत पापा को फोन कीया । पापा पोलिस को लेके घर आ गये और दोनो चोर को पकड लीया ।

मगन को सभी मे चतुर मगन की नाम की उपाधी दीया ।

moral stories : काम येसा करो की सभी लोग साबासी दे । 




बिल्ली और चूहा moral stories in hindi short

 

बील्ली हर रोज अपने मालिक के घर मे रहा करती थी उसको खाने पीने का कोई टेंशन नही था सब कुच मिल जाता था । एक दीन चूहा बिल्ली का सारा खाना खा लीया । बिल्ली को बहुत गुस्सा अया मेरे मालीक ने मुझे आज खाना नही दीया ।

एक दो दीन येसा ही हुवा चूहा सारा बिल्ली को देने वाले खाने को खा जाता था । बिल्ली सोच मे पड गई मेरे मालिक को बहुत अच्छे है मुझे हर दीन खाने को दीया करते है अभी क्यु नही देते मुझे पता लगाना है ।

बिल्ली को बहुत भुख लग्ने लगी इस लीये आज मालिक खाना खाये उस के पह्ले पोहुच गई । मालिक ने बिल्ली से कहा की तुम्हे मे खाने के लीये देता हु तुम्ह वहा पे बेठो । मालिक खाना खा लीया उस के बाद मालिक ने बिल्ली को खाना दे रहे थे । तब वहा पे चूहा आ गया और बिल्ली के खाने को चुरा ने की कोशिश कीया ।

बिल्ली को पता चल गया की मेरे इतने दीन का खाना ये चूहा ही खाना चुरा रहा था । बिल्ली ने चूहे को बहुत मारा और वाहा से भागा दीया ।  

लेकीन कुच समय के बाद मालीक किसि काम की वजह से बाहर गये थे इस लीये बिल्ली को खाना नही मिल पाया तब बिल्ली को पडोस के घर जाना पडा । लेकीन बिल्ली वहा पे गई तो चूहे जोर से दरवाजा बंध कर दीया बिल्ली को घर मे आने नही दीया । बिल्ली को भुखे ही सोना पडा ।

moral stories : जो जित्ना धंमड करता उसे एकना एक दीन रोना ही पडता है ।   

 

दोस्तो मुजे यकिन है कि short moral stories in hindi for class 8 आप को पसंदआयि होगि । यह short moral stories in hindi for class 7 आपको कोइ भुल करने योगियाता लग्ता है तो हमे कोम्मेंट करके बाताये और आपको कहनिया short moral stories in hindi for class 2 लिखने खा पसंद हो तो बेडटाइम स्टोरी फॉर किड्स इन हिंदी या शार्ट मोटिवेशनल स्टोरी इन हिंदी विथ मोरल ईमैल कर सकते हो  | short moral stories in hindi with pictures

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