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Sachai ki ahmiyat story in Hindi || Motivational Stories For Kids

दोस्तो आज आपको यह बताने वाले है Sachai ki ahmiyat story in Hindi के बारे मे हमे यकिन है moral stories for children बहुत पसंद आयेगा | story for kids


moral stories fro children


 

एक व्यक्ति अपनी जिंदगी में बहुत धनी इंसान बनना चाहता था और उसकी वजह से एक साथ बहुत सारे काम करने लगा जिसके कारण वह बहुत सारे काम करने की वजह से उसकी भूलने की बीमारी बहुत ज्यादा बढ़ गई एक दिन को उसकी तबीयत खराब हो गई । वो एक वेद्य के पास गया । वेद्य ने उससे पूछा तुम्हें क्या हुआ है वो कहने लगा कि मेरे पेट में बहुत दर्द है | तो वेद्य सारी बात जानी फिर पुरी बात से पता चला यह व्यक्ति काम करने मे बहुत ज्यादा उलझा हुआ है और उल्टा सीधा कुछ भी खा लेता है । वेद्य ने कहा तुम्हारे पेट में दर्द है थोड़े दिन के लिए तुम सिर्फ खिचदी खाना उस व्यक्ति ने कहा ठीक है अब मैं खिचड़ी खा लूंगा लेकिन फिर उस व्यक्ति ने कहा की मे भुल जावु गा क्या खाना हे वो वेद्य ने कहा आप बिल्कुल भी चिंता मत करो आप यहां से लेकर अपने घर तक खिचदी खिचदी  बोलते जाओ आपको भुलेगा नहीं ।

 

वो व्यक्ति खिचदी खिचदी बोलता जा रहा था और मार्ग में एक किसान अपने खेत से चिड़ियों को भागा रहा था । लेकिन तभी उसने सुना कि कोई व्यक्ति कह रहा है चीडीया दाना खालो , चीडीया दाना खालो उसकी इस बात को सुनकर किसान को बहुत गुस्सा आया किसान ने उस व्यक्ति को डांटते हुए कहा कि यह तुम क्या कह रहे हो मैं कब से चिडिया भागा रहा हूं और तुम खाने की बात कर रहे हो उस व्यक्ती ने कहा मुझे वेद्य ने कहा है किशान कहने लगा ठीक है लेकिन आब ये शब्द नही बोल्ना । तुम्ह यह बोलो की चीदीया उड जाव । उस व्यक्ति ने कहा ठीक है ।

 








वो व्यक्ति रस्ते मे चीदीया उड जावो , चीदीया उड जावो  बोलता बोलता जा रहा था तब एक शिकारी ने  जार बीथा के बेथा था । उसे बहुत गुस्सा आया तुम चीडीयो को क्यु उडा रहे हो । तुम क्या कह रहे हो । उस व्यक्ति को बहुत मारा शिकारी ने और वो व्यक्ति ने कहा की मे कब से चीदीया को फसा रहा हु और तुम कह रहे हो उड चिड़ी उसने कहा मुझे वेद्य ने कहा शिकारी ने कहा ठीक है लेकिन आब ये श्ब्द नही बोलना । अब तुम्ह यह बोलो सिकारी ने क्या आते जाओ और पिंजरे में फंसते जाओ फिर वह व्यक्ति यह बोलने लगा आते जाओ और पिंजरे में फस्ते जाऊं ।

 

लेकिन थोड़ी देर बाद रास्ते में चोर चोरी का धन लेकर के भाग रहे थे और जब उन्होंने सुना एक व्यक्ति यह कह रहा है आते जाओ और पिजरे में फंस जाओ हमें पोलिस से जेल मे पोहचा चाहता है यह हमें पुलिस को पकडा ना चाहता है । उन चोरों ने उस व्यक्ति की पिटाई की । उस व्यक्ति ने काहा की मुजे वेद्य ने कहा है उय बोलना । अब मे क्या बोलु तो चोर ने कहा तुम्ह यह बोलो इसे छोड़ कर आओ और दूसरा ले कर आओ फिर वह व्यक्ति यही कहने लगा इसे छोड़ कर आओ और दूसरा लेकर आओवो , इसे छोड़ कर आओ और दूसरा ले कर आओ ।

 

रास्ते मे कुच व्यक्ति मुत्य व्यक्ति को ले जा रहे थे । उस व्यक्ति की आवाज सुनकर सारे लोगों को बहुत गुस्सा आया कुछ लोगों ने व्यक्ति को बहुत फटकार लगाई । हमारे गांव का मुखिया मर गया है इतना बड़ा भी अदमी मर गया और तुम यह कह रहे हो इसे छोड़ कर आओ और दूसरा ले कर आओ तुम्हें मजाक समझ के रखा है क्या हमारे यहां पर कोई मर गया है और तुम ऐसी बातें कर रहे हो । उस  व्यक्ति ने कहा मुझे वेद्य ने कहा है येसा बोल ने के लीये तुम ही बताओ मैं क्या कहु तो सारे पंचायत के लोगों ने कहा अब तुम ये बोलो ये किसी के भी साथ ना हो ।

 






वहा से चला जाता है रस्ते मे किसी की बारात गुजर रही थी और जब लोगों ने सुना ऐसा किसी के साथ ना हो तो उन सब लोगों ने इसे बहुत डांटा कुछ लोगों ने तो उसे मारा भी हमारे घर में कितना खुशी का माहौल है शादी हो रही हमारे घर में एक तो पहले ही बहुत मुश्किल से हमारा लड़का शादी के लिए तैयार हुवा हे और तुम्ह कह रहे हो ऐसा किसी के साथ ना हो तुम्हे कुछ शर्म है या नहीं । तब उस व्यक्ति ने कहा मुझे वेद्य ने कहा आप ही अब मुझे बता दो मुझे क्या कहना है । आग के फेरे लेव और खुस रहो ।

 

रास्ते में कहीं आग लग गई थी और सब लोग घर की आग बुजा ने में लगे थे और जब वहां के लोगों ने यह सुना आग लग के फेरे लेव और खुस रहो तब सभी को बहुत गुस्सा आया और उस व्यक्ति को बहुत मारा । तुम्ह यह क्या बोल रहे हो तुम्हे दिख राहां है ना सभि के घर मे आग लगी है । उस व्यक्ति ने कहा मुझे वेद्य ने कहा है इसा बोलने के लीये । उस व्यक्ति ने कहा आप ही बता दो कि मैं क्या बोलु । सारे लोगों ने मिलकर व्यक्ति से कहा आग बुज जाव , आग बुज जाव

 

वो व्यक्ति रास्ते बोलता जा रहा था तब एक सुथार अपनी हथोडी आग मे मे जला रहा था । तब सुथार ये व्यक्ति की बात सुनी तो उसे बहुत गुस्सा आया । और सुथार ने कहा आब येसा नही बोलना नही तो तुम्हे येसी मार लगावुगा तुम्हारी सारी सारी खिचदी निकाल दुगा । तब उस व्यक्ति को याद यही बात उस वेद्य ने यह कहा था बोल नी के लीये । तब वो व्यक्ति उस सुथार से माफी मांग के चला गया ।

 

 

वो व्यक्ति आज तक नही भुल पाया खिचदी सब्द । बहुत मार पडने के बाद बुल ने की आद्त चलि गई । तब उसे सच्चाई कि अहमियत पता चली । पह्ले से ही सच बोल देता तो आज इतना मार नही पडता और कुच गल्त नही बोलता । 

 

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दोस्तो मुजे यकिन है कि very short story for kids आप को पसंदआयि होगि । यह moral stories for children's in hindi आपको कोइ भुल करने योगियाता लग्ता है तो हमे कोम्मेंट करके बाताये और आपको कहनिया moral stories for adults लिखने खा पसंद हो तो moral stories for childrens in hindi या 10 lines short stories with moral ईमैल कर सकते हो  | short stories for.kids pdf


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