motivation story of success in hindi || inspirational story in hindi for success

दोस्तो आज आपको यह बताने वाले है inspirational story for success के बारे मे हमे यकिन है | inspirational story for students बहुत पसंद आयेगा | motivational story for success

inspirational story of success

       

एक भोलु करके ननहा सा लदका था वो अपनी मां और नन्ही बहेन के साथ गांव मे रहता था । भोलु हर दीन अपनी भेल-बकरी चाराने के लिये जंगल मे निकल जाता था पुरे दीन एक पेड के छाये मे बेथा रहता था । साम होने के बाद घर जाके मां और बहेन के साथ लुखी सुखी रोटी खाने लगता था । नन्ही बहेन को हर दीन लुखी रोटी खाने मे अच्छा नही लगता था । वो सब देखते हुवे भोलु को भी अच्छा नही लगता था।

एक दीन जब भोलु अपने भेल बकरी के साथ जंगल मे गया तो उस पेड को एक आदमी कुल्हादी से काट रहा था । भोलु ने देखा तो अच्छा नही लगा इस लिये भोलु ने कुच तरकिब निकाली । भोलु ने उस आदमी को कहा कि आप जिस पेड को काट रहे हो उस मे एक भुत रहता है । आप ईस पेड को काट दालेगे तो आपके उपर ए भुत बेठ जायेगा ।



वो आदमी डर के मारे वहा से बहुत भागा । तुरत ही उस पेड मेसे आवाज आई बेटे तुम्ने मेरी जान बच्चा के मेरे उपर उप्कार कीया है । तुम्हे मे उपहार मे एक जादुई घंटी देना चाहता हु । वो भोलु ने पेड से कहा की ए जादुई घंटी लेके मे क्या करुगा । तो पेड ने कहा की तुम्ह इस जादुई घंटी से कुच भी खाना मागोगे तो तुम्हे मिल जायेगा । लेकीन एक दीन मे एक ही बार मिलेगा ।

भोलु खुश हो के घर चला गया और साम के समय मां और नन्ही बहेन के साथ बेठ के जादुई घंटी से कहा की मुझे स्वादिश खाना चाहीये तो तुरंत ही स्वादिश दीश बनके आ गई । सभी ने मिलके स्वादिश खाना खाया ।

दुसरे दीन भोलु भेद बकरी के साथ निकल गया । जब साम के समय घर आया तो घर मे खाने के लिये कुच नही है । मां और बहेन ने बहुत भुख लग्ने के कारण स्वादिश खाना मंग्वा लिया था । पेहले की तरहा लुखी सुखी रोटी थी भोलु बिना खाना खाये सो गया । सुबह मे भोलु ने जादुई घंटी को साथ मे ले के निकल गया । साम के समय मां और नन्ही बहेन को भुख लगने लगी तो दोनो जादुई घंटी धुंधने लगे । कफी समय धुंधने के बाद उन्हे लगा की जादुई घंटी चोरी हो गई है जादुई घंटी ना मिलने के कारण दोनो सो गये । जब घर मे भोलु आया और जादुई घंटी को स्वादिश दीश मंगवाई । जब बहेन और मां भोलु को देखने लगे । तब नन्ही बहेन भोलु से कहने लगी की भाई आप बहुत स्वार्थी हो गये हो । आप अकेले अकेले खाना खा रहे हो मेरे बारेमे सोचा नही आपने ।

तब भोलु की आंख मे नमी आ गई और बहेन को कहा आपने कल मेरे बीना खाना खा लीया था । मुझे भुखा ही सोना पडा था । इस कारण आज मे जादुई घंटी साथ ले गया था । बहेन ने कहा की आज से हम सब साथ ही खाना खाये गे । भोलु खुश हो के जादुई घंटी स्वादिश दिश मंगवाई और सभी लोग साथ नेठ के खाना खाने लगे ।   



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