दोस्तो अज अपको यह बताने वाले है Motivational stories from Upanishads in Hindi के बरे मे हमे यकिन है | upanishads story बहुत पसंद अयेगा ।

Motivational stories from Upanishads in Hindi

नास्तिक और भालू (Motivational stories)

एक नास्तिक (जो ईश्वर में विश्वास नहीं करता है) जंगल में टहल रहा था। 'क्या राजसी पेड़! कितनी शक्तिशाली नदियाँ! क्या सुंदर जानवर! ’, उसने खुद से कहा।

जब उन्होंने नदी के किनारे चलना जारी रखा तो उन्हें झाड़ियों में एक सरसराहट सुनाई दी। मुड़कर देखने पर उसने एक 7 फुट की घड़ियाल को अपनी ओर देखा।

वह उतनी ही तेजी से भागा, जितना वह रास्ता पे निकाल सकता था । अपने कंधे को देखते हुए उसने देखा कि भालू उस पर चढ़ रहा था । उसका दिल बुरी तरह से पंप कर रहा था और उसने और भी तेजी से दौड़ने की कोशिश की ।

वह फिसल कर जमीन पर गिर पड़ा । वह खुद को बाचाने के लिए लुढने लगा लेकिन भालू ने उस पर एक कड़ी चोट करने के लिए अपना पंजा उठाते हुए देखा ।

उस पल में नास्तिक ने पुकारा: 'ओह माई गॉड! ...'

समय रुक गया ।

भालू जम गया ।

जंगल खामोश था ।




यह तब था जब आदमी पर एक चमकदार रोशनी चमकती थी और आकाश से एक आवाज आती थी:

'आप इन सभी वर्षों के लिए मेरे अस्तित्व से इनकार करते हैं, दूसरों को सिखाएं कि मैं मौजूद नहीं हूं और यहां तक ​​कि एक ब्रह्मांडीय दुर्घटना के लिए क्रेडिट निर्माण भी । क्या आप मुझसे अपेक्षा करते हैं कि मैं इस विधेय से आपकी सहायता करूँ? क्या मैं तुम्हें एक आस्तिक के रूप में गिनता हूं ? '

नास्तिक सीधे प्रकाश में देखा।

'मेरे लिए यह पाखंडी होगा कि अचानक आप मुझसे अब एक ईसाई के रूप में व्यवहार करने के लिए कहें, लेकिन शायद, आप एक ईसाई बन सकते हैं?'

'बहुत अच्छा,' आवाज ने कहा। प्रकाश बाहर चला गया, और जंगल की आवाज़ फिर से शुरू हुई।

और फिर भालू ने अपना पंजा उतारा, सिर झुकाया और बोला: 'भगवान, इस भोजन को आशीर्वाद दें जो मैं प्राप्त करने वाला हूं और जिसके लिए मैं वास्तव में आभारी हूं, आमीन।'

............. शिष्टाचार - इच्छा और पुरुष

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डोस्तो मुजे यकिन है कि motivational stories story from Upanishads अप को पसंदअयि होगि यह stories from upanishads in hindi अपको कोइ सुधार करने योगियाता लग्ता है तो हमे कोम्मेंत करके बाताये और अपको कहनिया motivational stories short लिखने खा पसंद हो तो हमे upanishad story in hindi या motivational stories about success एमैल कर सक्ते हो|

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2 Comments

  1. Why are you publishing Christian stories under the garb of Upanishads? आप की मंषा सही नही है। हम को ईसाई धर्म से कोई प्राब्लम नही है पर आप चुपके से उपनिषद के नाम से क्यों Christianity का प्रचार कर रहे हैं। आप खुल कर अपने धर्म का प्रचार कीजिए झूठ बोल कर नहीं, सच बोल कर। सच बोलना तो आप को सिखाया जाता ही होगा न?? I think this should be reported.

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