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 short story in hindi for kids

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दोस्तो अज अपको यह बताने वाले है short story in hindi for kids के बरे मे हमे यकिन है | short story for kids बहुत पसंद अयेगा very short story



बोलती हुवि चकली (Short Story Kids)

एक छोटा सा गाव था एक आदमि वहा रहता था उस के घर के बगल मे एक छोटा सा खेत था  उस खेत मे घेहु बोया था एक दिन हुवा यु कि वो आदमि सुबह मे उस खेत जा नहि पाया वो साम के समय उस खेत मे जाता है ओर उस खेत मे कुच घेहु के दाने बिखरे हुवे थे   वो आदमि सोच मे पद जता है की अए किस का काम हो सकता है कुच पता नहि चलता है

अगले दिन फिर वो सुबह मे खेत कि और जाता है लेकिन कुच दिखाइ नही देता है थोदि देर के बाद वो आदमि कुच काम कर रहा होता है तब कुच आजाव आति है तो वो आदमि देखने के लिये वहा पे जाता है तो उस आदमि को एक चकली दिखाय देति हे  वो वहा दोदते हुवे वहा पे जाता है तब वो चकलि वहा से चलि जाति है उस का पेट भर जाने कि वजाह से

वो आदमि ने सोचा वो चकली हर रोज खेत मे आती होगी सुबह मे उस आदमि ने उस चकलि को देखाइ नहि दे इस तरिके से खेत मे जार बिसाय तब हुवा यु कि चकलि अकेलि नहि अयि कुच उस के दोस्तो के साथ उस खेत मे घेहु के दाने खाने के लिये आति है सभि चिदिया घेहु के दाने खा रहि थि तब एक  चकलि जोर जोर से चिल्ला ने लगती है आज तो बहुत खा ने को मिला कुच दिन तक अब खाने कि जरुरत नहि है ओर वो नाचने लगि उस आदमि ने जो जार बिसाय थि उस मे उस चकलि का पैर फस गाया     

सभि चिदिया उस चकलि को उस जार मेसे छुदा ने के लिया काफि जोर लगते लेकिन छुदा नहि पाते है   तभी उस आदमी जो खेत मे काम कर रहा होता है उसे चीदीया कि आवाज सुनाइ देति हे ओर वो जार बिसाय रखि थि वहा पे जाता है तब साभि चिदिया उस आदमि को अपनी ओर आते देखकर वहा से सभि चिदिया चलि जाति है ओर उस चकली जार मे फसि हुवी थि उसे पकद के अपने घर ले जाता है

वो चकली उस आदमि के साथ बात करती है मुजे माफ करदो आज से फिर कभि एसि गलती नहि करुगि लेकिन वो आदमि उस चकली कि बात को सुनता नहि है और उसे एक पिजरे मे केद कर के रख देता है वो चिदिया बहुत चिल्ला ने लगति है तब एक बील्ली वहा जे गुजार रहि थि तब उस बील्ली कि नजर उस चकली पे जाति है ओर वो बिल्ली चकली को उस पिजरे मेसे निकालती है ओर उस चकली को खाजाति है  




 

चतुर सियाण ओर बील्ली (Best Short Story)

नदी के किनारे एक घर था वहा पे दो ननहे लदके रहते थे उन दोनो को बिल्ली बहुत पंसद थि वो हर दिन उस बील्ली के साथ खेल्ते थे एक दिन बिल्ली अपने  दोस्तो के साथ नदी के किनरे एकथ्थे हुवे सभि बिब्बी अपने अपने बारे मे बता ने लगी |  तब वो बिल्ली कहने लगी कि कल तो मेरे मालिक के घर मे अछा अछा खाना बनने वाला हे तो सभि बिल्ली कहने लगी हमे भि बुलावो अपने मालिक के घर कुच खा ने केलिये

तब उस बिल्ली ने सभि बिल्ली को मना कर दिया वो कहने लगी के कल मे अप सभि के लिये कुच ना कुच लेके आवु गि दुसरे दिन वो बिल्ली कुच पुरीया लेके नदी के किनारे जा रहि थि तब वहासे सियाण गुजार रहा था उस कि नाजर उस बील्ली पे पदी ओर उसे जोर से भुख लग गइ वो सियाण उस बिल्ली के पास जाता है ओर कहता है कि मुजेभि पुरीया दे दो मुजे भुख लगि है  बिल्ली ने तुरंत मना कर दिया वो बिल्ली कहने लगि के मेरे दोस्तो के लिये मे वो पुरीया लेके जा रही हु

इस लिये मे तुम्हे नहि दे सकती हु तो वो सियाण कहता है मेभि तुमारे साथ चलता हु ओर तुमारे दोस्तो को भि मिल लेता हु वो दोनो नदी के किनारे जाने लगे सभि लोग नदी के किनारे मिले ओर सियाण को बहुत जोर से भुख लगि थि तब उस सियाण तरकिब निकाली सभि बिल्ली को कहने लगा साभी बिल्ली  के बिच  एक रेस हो जाये जो पहले रेस खतम करेगा उसे एक पूरी जादा खाने को मिलेगी सभि बिल्ली एक साथ रेस करने के लिये लाइन मे  खदी हो गइ

रेस सुरु हुवि सभी बिल्ली एक साथ दोद ने लगी ओर वो सभि बिल्ली दुसरी जगह पे पोहचती है तब वो बिल्ली पलत के देखती है तो वो सियाण वहा पे दिखाय  नहि रहा था वो सभि पुरीया लेके भाग गया था सभी बिल्लीया देखती रह गइ चतुर चालाक सियाण से सभी बिल्ली यो को बेवकुफ बना दिया     


   

 

बिल्ली ओर चुहा (short story ideas)

चुहा रसोदे मे से जो कुच खली बर्तन थे उसे चत कर रहा था बिल्ली उस चुहे को देख लेती है ओर उस चुहे को कहति हे के तुम यहा से चले जाव नहि तो मे मरे मालिक को कह दुगि लेकिन वो चुहा वहा से नहि जाता है ओर पुरे बर्तन मे गुमने लगता है  

बिल्ली सोच ने लगि कि अब क्या करु जो वो चुहा यहा पे नहि आये वो बिल्ली उस के दोस्तो के पास मदद मगने के ले लिये जाति है तब एक लिल्ली ने उसे कहा कि तुम उस चुहे को किसि भि तरहा हमारे पास लेके आवो हम लोग उसे समजाये गे   दुसरे दिन फिर वो चुहा वहा आया ओर जो कुच रसोदे मे बर्तन थे उस को चत कर ने लगा

तब वो बिल्ली उस चुहे को कहने लगी कि तुम हमारे साथ चलो हम लोग कल एक दावत उदाने वाले है तुम्हे कल अछा अछा खाने को मिले गा तुम हर रोज जुठे बर्तन को चत करते हो तो अछानहि लगता होगा इस लिये चलो तुम हमारे साथ वो चुहा उस बिल्ली के साथ चलने के लिये राजि हो गइ

दुसरे दिन वो सभि बिल्ली ओर वो चुहा एक साथ मिले ओर एक बर्तन मे बहुत सारे चुहो  को मसाले से भरे हुवे , तेल मे तरे हुवे रखे हुवे थे वो देख के वो चुहा कि मनो आंख बहार सि गइ हो  एसा लग रहा था तब वो चुहा उस बिल्ली के समने गया ओर कहने लगा कि मुजे मफ करदो अगे से मे तुम्हारे नजदिक नहि दिखाइ नही दुगा यह कहके वो चुहा वहा से चला जाता है  

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डोस्तो मुजे यकिन है कि short story in hindi अप को पसंदअयि होगि यह famous short story अपको कोइ सुधार करने योगियाता लग्ता है तो हमे कोम्मेंत करके बाताये और अपको कहनिया short story in hindi with moral लिखने खा पसंद हो तो हमे funny short story या simple short story एमैल कर सक्ते हो|

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