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 Story In Hindi Buddhi Aur Bal

 बुद्धि और बल कि कहानी

दोस्तो अज अपको यह बताने वाले है Summary of the story in hindi buddhi aur bal के बरे मे हमे यकिन है |Buddhi aur bal ki kahani बहुत पसंद अयेगा



Bal And Buddhi 

यह कहानि है एक छोटे से मधावपुर ग़ाव कि वहा पर लोग भिन भिन प्रकार के लोग रह्ते है। अकसर लोग अपने गाव मे कुच ना कुच नया करते रह्ते है। लेकिन उस गाव मे एक लदका रह्ता था| वो बहुत शरारत करता था गाव कि औरत तालाव मे पानि भरने जाति है तो वो लदका मोटु बल का प्रयोग करके पथार मा के पानि के मतके फोद देता था । सभि लोग उससे परेशान थे  

एक दिन हुवा युकि सभि लदकिया गाव के चोराहे पे खेल रहि थि वहा पे वो लदका मोटु पोहच गया और वो लदकिया जो खेल रहि थि सभि को परेशान करने लागा और जो लदकिया खेल रहि थि वो चिज वो लदके मोटु ने वहा से दुर फेक दिया वो मोटु कि इस हरकत को देखे वहा पे जो पदमा करके लदकि थि वो बोलि चलो मे तुमे चुनोति देति हु मुजे हारा के देखाव तुम बहुत अपने आप बाल पे गमंद करते हो ना मुजे हारा के दिखाव तो सहि है

सभि लोग उस लदकि कि बात सुनके हसने लगे तो वो लदका मोटु को सभि लोग हस रहे थे वो मोटु को पसंद नहि आया और वो बोला कि जो हारे गा वो मुर्गा बने गा और गाव के चोराहे पे मुर्गा बनेगा सबके सामने । मे तुमहारि चुनोति स्विकार करता हु वो लदकि बोलि कल उस तालाव के पास जाना। 



दुसरे दिन वो लदके से सभि लोग परेशान थे वो वहा पे गये वो लदका मोटु  बोला के करना क्या हे जलदि बातावो अभि मे कर देता हु वो लदकि पदमा बोलि कि करना कुच नहि वो रुमाल को उस पानि के अंदर फेकना हे जो उस पानि मे फेक देता है वो जित जाये गा ।वो लदका मोटु हसने लगता  हे तो आसन है अभि कर लेता हु तुम आभि से मुर्गा बन जाव मुजे यकिन हे मेहि जित जावु गा

वो लदका कह्ता है कि मेहि पहले उस रूमल को फेक ता हु वो लदकि पदमा ने रूमल दिया वो लद्का उस रूमल को जेसे हि फेकने के लिये जाता है तो हावा कि वजाह से वपास उस लदके मोतु के पास हि गाया रूमल सभि लोग उस लदके को देख के हस ने लगे मोटु ने फिर से कोशिश किया लेकिन हवा कि वजह से फिर उस के पास हि जाता है उस लदके ने बहुत कोशिश किया लेकिन वो नहि कर पाया वो मोटु कहने लगा हे कि मुजसे नहि हो पाये गा

उस के बाद वो लदकि  ने जो किया वो देख के सभि लोग हेरान हो गाये लदकि ने यु किया कि एक पथार लिया और उस रुमाल को पथार के साथ बांध दिया और उस पथार को फेका और वो पथार पानि मे गिरा सभि लोग उस पदमा कि वाह वाह करने लगे
तभि गाव के एक अदमि कह्ता हे कि मोटु तुम अकसर बल का प्रयोग करते हो और जित जाते हो लेकिन इस खेल मे बुद्धि का प्रयोग करना था वो तुमने किया हि नहि इस लिये तुम हार गये और वो पदमा ने बुद्धि का प्रयोग किया इस लिये वो जित गइ
अब तुम गाव के चोराहे पे मुर्गा बनो सभि लोग वो लद्के मोतु को देखते हुवे हस रहे थे और वो मोतु ने सभि को मफि मागि।

Be The Inspiration मोराल : जिवन मे कभि गमंद नहि करना चहिये जो चिज बुद्धि से किया जाता हे वो बुद्धि कोहि प्रयोग करना चाहये और जहापे बल का प्रयोग करना पदे वहा पे बाल का प्रयोग करना चाहिये    
 

Buddhi aur bal ki kahani

राम और मोहन दोनो बहुत पाक्के दोस्त थे । राम एक गरिब घर मे रहता था मोहन अमिर घर मे रहता था । वो दोनो हर दिन एक दुसरे को मिलने के लिये नदी के किनारे आया करते थे ।

एक दिन वो दोनो गाव के रास्ते से गुजर रहे थे । तब वो दोनो को स्कूल के मास्टर जि मिले ओर मास्टर जी ने कहा कि बेटे क्या कर रहे हे । तब राम ने कहा कि हम दोनो सोच रहे है कि हर दिन वो बकरी इस रास्ते गे गुजर के नदी के निकारे पानी पिने के लिये जाती है । बकरी को कफी लब्बा रस्ता तय करना पदता है इस लिये हमने सोचा कि क्यु नहि इसी गाव मे बकरी के लिये एक ननहा सा तालाब बनाया जये । मास्टर जि ने कहा तुम दोनो की अच्छी सोच है ।      

दुसरे दिन वो दोनो कुच सामान या हाथीयार लेके अपने साथ लाये । राम ने कहा कि मे इस जमिन खो खुदाई काम करता हु । मोहन ने कहा की मे तालाब तक पनी को लाने का बंधोबस करता हु ।  राम ने बहुत मेहनत किया लेकिन वो तालाब को खुद नहि सका वो थक गया । मोहन ने पुरा जोर सोर से अपनी बुध्धी से पानी को नदी से पाईपलाईन लगादिया तालाब तक लाने का बंधोबस करलिया ।

लेकिन राम का काम हि एसा था कि बल का उपयोग करना हि पदता है । वो अकेला हि लगा रहा किसी कि मदद नही लिया । मास्टर जी राम को तालाब की खुदाई करते देखते है तब राम को कहा कि कहा पे हे तुमहारा दोस्त मोहन । राम ने कहा कि वो पानि को तलाब तक लाने को बंधोबस कर रहा है । मोहन वहा पे आया ओर मास्टर जि को कहा कि मेने पानि को तालाब तक लाने का बंधोबस कर लिया है ।

राम और मोहन को मास्टर ने कहा की आप दोनो जो कर रहे है वो थिक नही है । जहा पे आप दोनो का काम कर रहे है वहा पे आप दोनो को होना चहिये । तो फिर तुम दोनो अकेले क्यु काम कर रहे है । तुम दोनो बुद्धी का उपयोग क्यु नहि कर रहे है । वो दोनो को मास्टर जि कि कही बात सही लगी । वो दोनो एक साथ मिलके तालाब कि खुदाई करने लग गये ।

तालाब कि खुदाई हो जाने के बाद पानि को तालाब तक पोहोचा दिया । पुरे गाव कि बकरी वहा तालाब पे पानि पिने के लिये आया करते थी ।         


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