दोस्तो आज आपको Ganesh Story in Hindi  के बारे मे बताने वाले है । lord ganesha story  यह आपको बहुत पसंद आयेगा। lord ganesha ganesh ji ki kahani
Special Story Ganesh Story in Hindi Load Ganesha


ननहि लदकि का Baby Ganesha


Story of Ganesha कहानि है गणेशा कि एक छोते से गाव मे एक ननहि सि लदकि रह्ति थि वो जब ननहि थि तब उस कि दादि मा उसे बहुत सारि कहानि कहते थि उस मे से एक गणेशा कि कहानि है जिसे दादि मा Hindu God Elephant  जो वो दादि मा कहा करति थि वो दादि मा Ganesh Meaning का क्या मह्त्व हे वो समजाति थि उसे वो कहानि सुनके वो बहुत खुस हो जाति थि लेकिन वो लदकि अकसर बिमारि कि वजास से वो घर पे हि रहति थि वो अपने पापा से कहने लगि कि पापा मुजे गणेशा कि मुर्ति चाहिये उस के पापा ने उसे एक ननहि सि एक सुंदर मुर्ति लादि

वो लदकि दिन रात उस मुर्ति को देखति रह्ति थि एक दिन वो बहुत बिमार हो गाइ उसे होस्पिताल मे ले जाया गया और वो लदकि जिद्द करने लगि कि मुजे गणेशा को देखना है|



वो रो रो के वो सो गाइ लेकिन उसके सपने मे गणेशा अया और उस के सिर पे हा रख के कान मे बोला ननहि गुदिया चलो लोत अवो मे तुमहारि रा देख रहा हु। चलो तुमहे कुच नहि हुवा है चलो उथ जाव

वो सुभे उथि और पाप से कहने लगि कि मुजे घर जान है मे तो ठीक हो गइ हु मुजे गणेशा बुला रहे है इस लिये मुजे घर लेके चलो फिर उस के पापा ने डॉक्टर को बुला के लेके आया और डॉक्टर ने उस ननहि सि लदकि को चेक किया और डॉक्टर बोले कि तो ठीक है अप उसे घर लेके जा सकते हो

Ganesh Motivation बाद मे पापा उसे घर लेके गये और वो ननहि लदकि उस गणेशा के समने बेथि रहती थि ।और वो गणेशा  साथ बत करति रहति है

Ganesh story in hindi


एक गाँव मे लड़की रहती थी। वो हर साल गणेश चतुर्थी को धाम धूम से मनाती है। लेकिन कोरोना के चलते गणेश जि कि स्थापना नहीं हो पाई थी। 
अब की बार सरकार ने सभी जगह पे गणेशजी की स्थापना करने कि परमिशन दिया। सभी बच्चे उस लडकी की माँ से कहते है हम लोग गणेश जी  की स्थापना कर ने वाले है। लेकिन लड़की की माँ ने इस बार गणेशजी की स्थापना घर मे करने से मान कर दिया। सभी बच्चे उदास हो के चले गये। 
लड़की बहुत उदास हो गई थी माँ से लड़की बात नहीं करती है। माँ ने सभी बच्चों कि माँ के साथ बात करती है और सभी मिलके कूछ मिट्टी लिया और पानी मिला के गणेश जी की मूर्ती बनाने लगी। माँ ने कुच समय मे मूर्ती बना दिया। 
धुप मे सुख जाने के बाद माँ मूर्ती को कलर करती है। और दूसरे लोग मोदक बनाते है और स्तेज सजाते है। सभी तैयरी हो जानके के बाद माँ सभी बच्चे को आवाज लगाती है। 
सभी बच्चे आते है स्तेज और गणेश जी की मूर्ती देख के खुश हो जाते है। और गणेश चतुर्थी बच्चे के लिये खुशा ली लाया। 


डोस्तो मुजे यकिन है कि Ganesh Story in Hindi Load Ganesha  अप को पसंदअयि होगि यह Stories of Ganesha अपको कोइ सुधार करने योगियाता लग्ता है तो हमे कोम्मेंत करके बाताये और अपको The Story of ganesh Stories लिखने खा पसंद हो तो हमे Ganesh childhood family theme stories या Preparing for the unknown children's lesson एमैल कर सक्ते हो |  scientific reason for celebrating ganesh chaturthi
                    
 

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